सात दूल्हे एक ही घर में लेकर पहुंच गए बारात, सभी नजारा देख बारी-बारी से पहुंचने लगे थाना

भोपाल

शादी के नाम पर ठगी के कई किस्से आपने सुने होंगे, लेकिन भोपाल का यह मामला थोड़ा अजीब है।यहां सात दूल्हे शादी की तारीख पक्की होने के बाद एक ही घर में बारात लेकर पहुंचे थे।घंटों इंतजार के बाद ससुराल में कोई नहीं मिला तो सभी बारी-बारी से पुलिस स्टेशन में पहुंचने लगे।


सात दूल्हे एक ही घर में लेकर पहुंचे बारात,नजारा देख बारी-बारी से सभी पहुंचे थाना


एमपी में शादी कर लुटेरी दुल्हन लोगों को लूटती है।भोपाल मैरिज ब्यूरो के जरिए भी लोगों से शादी के नाम पर ठगी हो रही है।भोपाल के कोलार इलाके से संचालित शगुन जन कल्याण समिति गरीब लड़कियों की शादी करवाने के लिए विभिन्न जगहों पर पर्चे बांटती थी।लोग शादी के लिए जब आते तो उन्हें लड़की दिखाकर 20 हजार रुपये लिए जाते थे।उसके बाद शादी की तारीख पक्की कर दी जाती थी।एमपी के सात लड़कों को 25 मार्च की तारीख दी गई थी।अलग-अलग जिलों से सात लड़के दूल्हा बनकर शादी के लिए आए थे।


ससुराल में लगा ताला


शादी के लिए सभी बारात लेकर आए थे।शगुन जन कल्याण समिति के ऑफिस में दूल्हे बारात लेकर पहुंचे थे।यहीं इन सबों का ससुराल था। शादी से पहले सभी को लड़की दिखाई गई थी।बारात लेकर पहुंचे दूल्हों ने देखा कि ससुराल में ताला बंद है।घंटों ने लोगों के फोन पर ट्राई करते रहे, लेकिन सभी के फोन बंद मिले।उसके बाद दूल्हे और उनके परिवार के लोग पुलिस थाने में शिकायत के लिए पहुंचने लगे।


सात दूल्हे लेकर आए थे बारात


सबसे आखिर में भिंड निवासी केशव बघेल बारात लेकर पहुंचे थे। घंटों में इधर-उधर भटकने के बाद केशव अपने परिजनों के साथ कोलार थाने में एफआईआर दर्ज करवाने पहुंचे।मौके पर पहुंचने के बाद केशव को पुलिसवालों ने बताया कि इसी तरह के मामले में छह दूल्हे पहले से थाने में बैठे हुए हैं।सभी लोग शिकायत दर्ज करवाने ही पहुंचे हैं।


जिलों में बंटवाते थे पर्चे


ठगी के लिए संस्था के लोग एमपी के विभिन्न जिलों में पर्चा बांटते थे।इस में दावा किया जाता था कि समिति गरीब बच्चियों की शादी करवाती है।लोग पर्चे पर दिए गए नंबर पर फोन करते तो उनकी बात रोशनी तिवारी नाम की महिला से होती थी। सभी लोगों को वह बात होने पर भोपाल के कोलार में विनीत कुंज स्थित ऑफिस में बुलाती थी।भिंड निवासी केशव भी यहां जनवरी 2021 को पहुंचे थे।इस दौरान उन्हें एक 25 वर्षीय लड़की दिखाई गई।इसके बाद शादी का रिश्ता तय हो गया। रोशनी नाम की महिला ने उस लड़की को अपनी बेटी बताया था। 20 हजार रुपये लेकर शादी तय कर लिए।


रोशनी के फोन बंद मिले


25 मार्च को जब लोग उस पते पर बारात लेकर पहुंचे तो सभी के फोन बंद मिले।बताया जा रहा है कि इस काम में मुख्य रूप से रिंकू, कुलदीप और रोशनी तिवारी लगे थे।साथ ही कुछ और लोग भी मदद करते थे।लड़कों को दिखाने के लिए ये लोग गरीब घर की लड़कियां तलाशते थे।उन्हें झांसा देते थे कि अच्छे घर में शादी करवा देंगे।संस्था में लड़की को वर दिखाने के बहाने बुलाते थे।


ऐसे तोड़ देते थे शादी


वर पक्ष से 20 हजार रुपये ऐंठने के बाद ये लोग शादी तोड़ देते थे।लड़की पक्ष के लोगों को बताते थे कि लड़के के घर वालों ने किसी कारण से रिश्ता तोड़ दिया है।पुलिस के अनुसार इस केस में रोशनी लड़की की मां बनकर फरियादियों को ठगती थी। वहीं,शादी के लिए आए लड़का और लड़की तो सही होते थे,मां बनने वाली महिला झूठी होती थी।

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