वीडियो वायरल होने के बाद डीपीओ ने कार्रवाई के लिए लिखा डीडीसी को

सेविका/सहायिका के चयन में जमकर हो रही धांधली

प्रखंड के हरदिया पंचायत में सेविका-सहायिका के चयन से जुड़ा है मामला, हंगामा होने के बाद बहाली प्रक्रिया स्थगित

नवादा (रजौली)


रजौली प्रखंड में सेविका/ सहायिका के चयन में इन दिनों भारी धांधली की जा रही है। प्रखंड क्षेत्र में आंगनवाड़ी सेविका व सहायिका के जितने भी पद रिक्त हैं। उन रिक्त पदों पर बहाली के लिए इस समय प्रक्रिया चल रही है। बहाली प्रक्रिया को अंतिम रूप देने से पहले कार्यालय की सीडीपीओ व महिला पर्यवेक्षिका द्वारा दलालों के माध्यम से चयन का रेट तय किया जा रहा है।


ऐसा ही एक वाक्या मंगलवार को देखने को मिला। प्रखंड के हरदिया पंचायत में न्यू सिंगर में सेविका का चयन के लिए आमसभा होनी थी। लेकिन सीओ के मौके पर नहीं पहुंचने के कारण महिला पर्यवेक्षिका मोनिका द्वारा बहाली प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने इसका जमकर विरोध किया। विरोध होने पर वहां मीडियाकर्मी भी पहुंचे। तब तक दलाल के साथ पहुंची महिला पर्यवेक्षिका मोनिका अपने कार में सवार होकर जाने लगी। मौके पर पहुंचे मीडियाकर्मियों ने महिला पर्यवेक्षिका के साथ रहे उक्त अनजान व्यक्ति के बारे में उनसे पूछा तो मोनिका ने मीडिया कर्मियों को जवाब दिया कि वह इस व्यक्ति को नहीं जानती। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या यह व्यक्ति उनका रिश्तेदार है, तो उन्होंने कहा कि नहीं। जब उनसे पूछा गया कि यह आदमी आपकी गाड़ी में कैसे बैठा हुआ है तो महिला पर्यवेक्षिका मोनिका ने दवाब में सच बताते हुए कहा कि वह ऑफिस से ही मेरे साथ आया है।
जानकार सूत्रों का कहना है कि जो व्यक्ति महिला पर्यवेक्षिका के साथ है,वह रजौली में हाल ही में बहाल हुई एक सेविका के पति पुरानी बसस्टैंड निवासी जितेन्द्र कुमार हैं।जो इस समय सीडीपीओ कार्यालय में अनाधिकृत रूप से सेविका के पति के रुप में रहकर दलाली का धंधा कर रहे हैं।


हालांकि मीडिया कर्मियों द्वारा वीडियो वायरल किए जाने के बाद सीडीपीओ कार्यालय द्वारा इस मामले में पल्ला झाड़ लिया गया। आईसीडीएस के डीपीओ द्वारा रजौली सीडीपीओ से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया। जिसके बाद सीडीपीओ ने महिला पर्यवेक्षिका से स्पष्टीकरण मांगी। महिला पर्यवेक्षिका द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण के जवाब से सीडीपीओ संतुष्ट नहीं हुई। उन्होंने स्पष्टीकरण का जवाब को अमान्य बताते हुए उस पर कार्रवाई के लिए आईसीडीएस डीपीओ को अनुशंसा कर दिया। सीडीपीओ द्वारा कार्रवाई के लिए अनुशंसा किए जाने के बाद आनन-फानन में आईसीडीएस के डीपीओ ने भी सीडीपीओ के लिखित प्रतिवेदन के आधार पर कार्रवाई के लिए डीडीसी को अनुशंसा कर दी। जिसके बाद अब इस मामले में महिला पर्यवेक्षिका के ऊपर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।


गौरतलब है कि इन दिनों सीडीपीओ कार्यालय में कई सेविका पति दलाल के रूप में कार्य कर रहे हैं जो प्रखंड क्षेत्र में सेविका व सहायिका के चयन की प्रक्रिया में मुंह मांगा रकम देने पर आम सभा को कोरम पूरा बताकर नियुक्ति पत्र देने तक की एग्रीमेंट कर रहे हैं। ऐसे में आंगनवाड़ी सेविका व सहायिकाओं के चयन में पारदर्शिता नाम की कोई चीज नहीं रह गई है और लाखों रुपए में सेविका की नौकरी को खुलेआम बेची जा रही है।

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