लालू यादव गरीबों के सच्चे मसीहा हैं— शिवचंद्र राम

हाजीपुर(वैशाली)

बिहार के पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम के महुआ स्थित आवास पर राष्ट्रीय जनता दल वैशाली के जिला अध्यक्ष बैधनाथ सिंह चन्द्रवंशी की अध्यक्षता एवं पातेपुर राजद प्रखण्ड अध्यक्ष मकबूल अहमद अंसारी के संचालन में पार्टी को मजबूत बनाने और कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए एक बैठक आयोजित की गई।

इस अयोजित बैठक में राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष सह बिहार सरकार के पुर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने राजद सुप्रीमो लालू यादव के विचार को जन-जन तक पहुंचाने की सिख अपने कार्यकर्ताओं को देते हुए बताया कि लालू प्रसाद यादव ने जब पत्थर तोड़ने वाली चूहे खाकर पेट भरने वाली मुसहर जाति की जिस ग़रीब भगवतिया देवी को देश की सबसे बड़ी पंचायत संसद में भेजा तो सामन्तियों की आँखों के लट्टू बाहर आ गए। 1997 में जब लालू यादव के मुख्यमंत्री आवास पर छापे पड़े तो पटना के मिलर स्कूल मैदान में भगवतिया देवी अपनी छाती पीट कर गरजते हुए बोली कौन सीबीआई भगवतिया देवी ने पहाड़ों का सीना फोड़ा है।हमारे मसीहा को कुछ हुआ तो सीबीआई की छाती तोड़ दूँगी।अब से पहले संसद में सिर्फ़ रानी बैठती थी हमारे भगवान लालू प्रसाद यादव ने रानी के बग़ल में “मेहतरानी” को बैठाया है।छापा लालू प्रसाद यादव पर नहीं हम पर पड़ा है।मैं इनकी छाती चीर दूँगी।आज भी उस मुसहर भगवतिया देवी की बेटी समता देवी गया की बाराचट्टी विधानसभा से राजद पार्टी से विधायिका है।यह है लालू प्रसाद यादव का दोष।

पूर्व मंत्री ने कहा कि आप क्या समझते है लालू यादव का केस भ्रष्टाचार का मामला है अगर ऐसा सोचते है तो आने वाली पीढ़ियों का नुक़सान कर रहे है। भगवतिया देवी को लालू प्रसाद यादव ने सांसद कैसे बनाया? बता रहे हैं। गया के किसी इलाके से लाल बत्तियाँ लगी गाड़ियाँ सांय सांय करती गुजर रही थी।आगे गाड़ी पीछे गाड़ी गाड़ियों का काफिला और चमचमाती गाड़ियाँ।मुख्य सड़क से निकलता काफिला देहाती पगडंडियों की ओर पहुँचा।जून की वह तपती हुइ दोपहर का वक्त था।काफिला जैसे ही पहाड़ी की तलहटी से गुजरा 300 मीटर दूर से एक अधेड़ काली कलूटी,धूल से सनी हुई ,पसीने से तर-बतर खुरदुरे हाथों से पत्थर तोड़ती और दूसरे हाथ से चेहरे पर बार-बार टपकते पसीनों को पोछती दिखी।कपड़े भी क्या पहने थे फटा चिथड़ा था।उन गाड़ियों के काफिले के मध्य से एक गाड़ी का शीशा खुला और पूरे काफिले को रुकने का आदेश हुआ।गाड़ी के शीशा से हाथ निकाल उस व्यक्ति ने उक्त महिला को नजदीक आने का संकेत दिया।वह महिला डरी। पुलिस, बंदूक बड़ी- बड़ी गाड़ियाँ।उसमें बैठे किसी व्यक्ति को भला उस बूढ़ी औरत से क्या काम और किया नाता हो सकता था। एक चौकीदार को भी देख कर घर के ताले बंद कर लेने वाले व्यक्ति के सामने 6 फ़ीट वाले लंबे तगड़े पुलिस वालों की बंदूक ताने देख वह महिला सचमुच डर गई होगी।लेकिन किसी तरह गार्ड ने उसे बुलाया।उसे साहब के सामने लाया गया।उसे उसका नाम पता पूछा गया।अगले लोकसभा चुनाव में वह बूढ़ी महिला देश के लोकतंत्र के मंदिर लोकसभा में सांसद बनकर लोगों के सामने थी।जी,वह महिला थी गया की पूर्व सांसद भगवतिया देवी।मुसहर समुदाय की एक गरीब महिला।और वह व्यक्ति जिसने अपनी गाड़ी के शीशे से हाथ निकालकर उस महिला को अपनी तरफ आने का ईशारा किया था वह कोई और नहीं बल्कि लालू प्रसाद यादव थे साथ ही उन्होंने कहा कोई यूँ ही नहीं मसीहा बन जाता और जिसकी रिहाई और खैरियत पूछने राँची में जगहें कम पड़ जाती थी।

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