बिहार विद्यापीठ के अघ्यक्ष विजय प्रकाश को अमेरिका की संस्था ने किया सम्मानित

पटना

भारतीय प्रशासनिक सेवा के मुख्य सचिव स्तर के सेवानिवृत अधिकारी और बिहार विद्यापीठ के अध्यक्ष विजय प्रकाश को अमेरिका की संस्था बिहार झारखंड एसोसिएशन ऑफ नार्थ अमेरिेका ने उनके सामाजिक एवं शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया है।


न्यूजर्सी अमेरिका में आयोजित एक वेब कार्यक्रम में बजाना के अघ्यक्ष डा. अविनाश गुप्ता ने प्रशस्ति पत्र देकर विजय प्रकाश को सम्मानित किया है।इस अवसर पर अमेरिका के शशि सिंहा ने श्री प्रकाश को मानवता का मित्र बताते हुए कहा कि विजय प्रकाश सृजनशीलता में अपने प्रयोग के लिए जाने जाते हैं।

उनके द्वारा विकसित शिक्षण विधि क्रिएटिव लर्निंग का उपयोग सेंसर नेटवर्क, ड्रोन तथा 3डी की शिक्षा के द्वारा इनोवेशन सिखाने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य किया गया है। बिहार विद्यापीठ के बिहार अंडा प्रचुरता अभियान के द्वारा अंडा उत्पादन में ऐतिहासिक बढोत्तरी कराकर बिहार को अंडा उत्पादन के क्षेत्र में देश की अग्रणी पंक्ति में लाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। अब वह नीति आयोग के सहयोग से अटल इन्क्युबेसन सेन्टर स्थापित कर मछली, कामर्शियल बकरी पालन, जैविक खेती तथा पॉली हाउस द्वारा सब्जी की खेती को प्रोत्साहित कर रहे हैं। उन्होंने बिहार विद्यापीठ में बिहार का पहला इन्स्टीच्यूट ऑफ पैकेजिंग भी स्थापित की है तथा इन्स्टीच्यूट ऑफ फूड प्रासेसिंग, इन्स्टीच्यूट ऑफ मीडिया एंड मार्केटिंग तथा इन्स्टीच्यूट ऑफ इनोभेटिव मैनुफैक्चरिंग की स्थापना में लगे हैं।


उनकी इस उपलब्धि पर बजाना के अनुराग कुमार सिंह, आलोक कुमार, प्रकाश झा और सभी सदस्यों ने बधाई दी।
इस बीच विजय प्रकाश को अमेरिका की संस्था की ओर से सम्मानित किये जाने पर ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राजीव रंजन प्रसाद और राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री कमल किशोर ने भी उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामना दी है। उन्होंने कहा कि विजय प्रकाश की इस उपलब्धि पर हमें गर्व है, उन्होंने बिहार का नाम विदेश में भी रौशन किया है।गौरतलब है कि बिहार के विभिन्न अति पिछड़ों तथा अविकसित जिलों में विकास का अलख जगाने वाले तेजतर्रार अधिकारी रहे विजय प्रकाश कई राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर की पुस्तकों के भी लेखक हैं ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page