बिहार में सोन के तटीय क्षेत्र के किसानों पर भरपा,यास तुफान का बेजोड़ करह

पटना (दुल्हिन बाजार)

पटना जिला में आया यास तूफान के चक्रवात के कारण लगातार 3 दिन तक हुई बारिश और आंधी में सोन नदी के तटवर्ती इलाके में बसे सभी किसानों की आर्थिक रूप से कमर तोड़ दी है।इस क्षेत्र में बड़े भूभाग में किसानों के द्वारा लगाई गई तरबूज,ककड़ी,मक्के और अलग-अलग सब्जियों की फसल बर्बाद हो गई।

किसानों के द्वारा इस वर्ष घर से लगाया गया पूंजी भी वापस नहीं मिल पाएगा

खेतों में लगी पूंजी भी अब किसानों के द्वारा निकालना अब मुश्किल सा हो गया है।किसानों का कहना है कि इस क्षेत्र में करीब दस एकड़ में मक्के के अलावा किया,ककड़ी,लालमी,तरबूज के साथ-साथ मौसमी सब्जियों की खेती की जाती है।

यास चक्रवात का कहर ने किसानों के उम्मीदों पर फेरा जोरदार पानी

दुल्हिन बाजार प्रखंड के सोन नदी के तटवर्ती गांव धाना- निसरपुरा,जीतन छपरा और शारदा छपरा आदि गांव के किसानों के द्वारा सोन नदी के तट पर बालू पर तरबूजा,ककड़ी, खीरा,मकई तथा मौसमी सब्जी कद्दू,नेनुआ,भिंडी आदि की खेती बड़े पैमाने पर की गई थी।जिस से किसानों की अच्छी खासी आमदनी होती।लेकिन इस वर्ष पहले तो कोरोना और लॉकडाउन के कारण किसानों की मेहनत पर पहले ही जोरदार पानी फिर गई।उसके बाद किसानों की थोड़ी सी उम्मीद जगी कि अब मेरा फसल तैयार हो गई है।आस-पास के लोग ही आकर हमारी सब्जियां की खरीदारी करेंगे लेकिन इस तुफान और बारिश की बरसात में सारे सब्जी की लतर पानी में डूब कर सभी सड़ कर खराब हो गई।

ककड़ी,खीरा,तरबूज,नेनुआ,मक्के की फसल पूरी तरह से हो गई बर्बाद

थाना-निसरपुरा गांव के मुखिया धनंजय कुमार उर्फ राजू कुमार से बात-चीत करने पर उन्होंने बताया कि इस तूफान से सोन नदी के तटीय क्षेत्र में बारीश से बहुत तबाही मच गई है।किसानों के खेतों में सारे तरबूज,खीरा,ककड़ी,मकई,कद्दू,नेनुआ की फसल चौपट हो गई।किसानों को भारी नुकसान हो गया है और सभी को नुकसान का बहुत सामना करना पड़ा है।

थाना-निसरपुरा गांव के मुखिया धनंजय कुमार उर्फ राजू कुमार

यहां दस एकड़ में होती है खेती,सोन के सटे तटवर्ती इलाकों में

धाना गांव के निवासी कौशल यादव,उदय यादव,राहुल यादव,अजय यादव,पवन यादव,बृज देव यादव,उमा शंकर पासवान,अनिल यादव आदि किसानों ने बताया कि इस साल तरबूज,लालमी,खीरा,ककड़ी,कद्दू नेनुआ के खेत से पूंजी भी निकलना अब मुश्किल सा हो गया है।करीब 10 एकड़ में गांव के किसानों के द्वारा इन फसलों की खेती इस वर्ष की गई थी। इस बारिश और आंधी से सारी फसलें बर्बाद हो गई है। किसानों ने सरकार से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजा की मांग भी की है।लोगों ने कहा भारत सरकार और बिहार सरकार को इस योर पूरा ध्यान देना चाहिए ताकि किसानों को क्षति का थोड़ा सा भी भरपाई हो सके।

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