बिहार में पंचायत चुनाव से पहले,ढा़ई लाख जनप्रतिनिधियों को अगले महीने लगेगा जोर का झटका धिरे से क्यो कि छिन जायेगा उनका पावर…

पटना

बिहार में कोरोना की वजह से पंचायत आम चुनाव अब कराया जाना असंभव लग रहा है।आप को बताते चलें कि पंचायतों का कार्यकाल अब सिर्फ एक माह बच गया है।जिस में किसी भी हाल में चुनाव कराना अब संभव नहीं लग रहा है।अब यह माना जा रहा है कि सरकार अगले पंचायत आम चुनाव संपन्न होने तक विशेष परिस्थिति में ढ़ाई लाख प्रतिनिधियों के कर्तव्यों के निर्वहन की जिम्मेदारी निभाने के लिए सभी स्तर प्रशासकों की नियुक्ति कर दिये जाये।

पंचायत आम चुनाव कराने की जिम्मेवारी राज्य निर्वाचन आयोग पर है

यह जिम्मेवारी प्रखंड विकास पदाधिकारी से लेकर अनुमंडल पदाधिकारी और जिला उप विकास आयुक्तों को दे दिया जायेगी।इधर पंचायत आम चुनाव संपन्न नहीं होने की स्थिति में मुखिया महासंघ ने मुख्यमंत्री को कार्यकाल विस्तार करने को लेकर अनुरोध पत्र लिखा है।पंचायत आम चुनाव कराने की जिम्मेवारी राज्य निर्वाचन आयोग पर है।बिहार सरकार द्वारा पंचायत चुनाव कराने को लेकर सभी प्रकार के संसाधन उपलब्ध करा दिया गया है।

सभी सदस्यों को कार्यकाल 10 जून से 30 जून तक पूरा हो रहा है

राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा सभी तैयारियों पुरी कर लेने के बाद भी पंचायत आम चुनाव कराने को लेकर अब आखिर मौन क्यो है ? आयोग ने अभी तक चुनाव कराने की न तो घोषणा की और नहीं स्थगित करने का निर्णय भी अब तक लिया।माना जा रहा है लॉकडाउन के बाद आयोग का कार्यालय खुलने के बाद इस पर आयोग निर्णय कहि लेगा।आम चुनाव कार्य नहीं होने से राज्य के 8000 पंचायतों के मुखिया,सरपंच,एक लाख 10 हजार वार्डों के वार्ड सदस्य और पंचों का पद रिक्त हो जायेगा।साथ ही पंचायत समिति सदस्यों के 11497 पद और जिला परिषद सदस्यों के 1161 पद रिक्त हो जायेंगे।इन सभी सदस्यों को कार्यकाल 10 जून से 30 जून तक पूरा हो रहा है।

माना जा रहा है कि कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में कोई प्रस्ताव कहि आये

पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह माना जा रहा है। बिहार सरकार पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल का विस्तार नहीं दे सकती है। आप को बता दें कि इस के लिए विशेष प्रावधान करना होगा।पंचायत आम चुनाव को लेकर सरकार की ओर से भी अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है।अब यह माना जा रहा है कि कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में कोई प्रस्ताव आयेग। फिलहाल बिहार सरकार की पूरी मशीनरी कोरोना महामारी से निबटने में जुटी हुई है।साथ ही अब बारिश के मौसम में फिर प्रशासन बाढ़ के कार्यों में जुट जायेगा।

अब पंचायत आम चुनाव असंभव लग रहा है

बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ ने पंचायत आम चुनाव नहीं होने से उत्पन्न स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक पत्र भी लिखा है।इस मुखिया महासंघ के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर अवगत कराया गया है कि अब पंचायत आम चुनाव असंभव लग रहा है। ऐसी स्थिति में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के सभी प्रतिनिधियों की मांग है कि पंचायती राज अधिनियम के तहत जो प्रतिनिधियों को अधिकार दिया गया है।उसे आम चुनाव होने तक विसातर कर दिया जाये।किसी पदाधिकारी या अन्य व्यवस्था को अधिकार देने से सारा सिस्टम उथल-पुथल हो जायेगा।विकास की गति प्रभावित हो जायेगी,और सारे कार्य रूक जायेगी।

RATNESH KUMAR

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