बिहार में एक ऐसा गांव जिसे आज तक पक्की सड़क नसीब नहीं

बिहार (नवादा)

नवादा जिले के काशीचक विकास के दौर में भले ही चारों और सड़कों का जाल बिछा दिया गया हो।गांव की गलियां चकाचक हो गई हो लेकिन काशीचक प्रखंड का नाम जिस गांव से नामित किया गया उसने आज भी पक्की सड़क नसीब नहीं हुआ है।गांव जाने वाले मुख्य पथ आज भी जर्जर हालत में है।इसे काशीचक गांव की बदनसीबी कहा जाए या उसकी विडंबना।

72 साल बीत गया लेकिन अभी नया सड़क का निर्माण नही किया गया

इस सड़क का मोहम्मद हर साल श्रमदान का ग्राम सड़क का मरम्मत करते हैं।क्योंकि उक्त मार्ग में सैकड़ों छोटी- गड्ढे हैं ग्रामीणों ने बताया कि चुनाव को लेकर मत मांगने आए जनप्रतिनिधि सड़क यादी बनाने का दावा कर जाते हैं।लेकिन मत लेने के पश्चात भूल जाते हैं।जनप्रतिनिधियों के उदासीन होने के कारण आज तक उक्त गांव का सड़क का निर्माण नहीं हो सका।ग्रामीण पप्पू कुमार,रोशन कुमार,विनोद चौधरी ने बताया कि आजादी के 72 साल बीत गया।अभी नया सड़क का निर्माण नहीं हुआ।जर्जर होने के कारण दोपहिया और चार पहिया छोटी बाहर एक गांव में नहीं पहुंच पाता है।

गांव में निजी वाहन और एंबुलेंस नहीं पाता है

ऐसे हालत में रोगियों और प्रसूतियो को गोद या चारपाई पर लेकर जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।मार्ग नहीं रहने के कारण उक्त गांव में निजी वाहन और एंबुलेंस नहीं पाता है।उक्त सड़क सुशासन सरकार को मुंह चिढ़ा रही है। सड़क निर्माण के लिए ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन को ध्यान आप क्रश कराया है लेकिन आज तक सरकार की ओर से किन्ही का ध्यान आकृष्ट नहीं हो सका।

रामजी प्रसाद के साथ अरविंद कुमार की रिपोर्ट

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