बिक्रम में काम करने लगा बुनियाद केंद्र,दिव्यांग व वृद्धजनों को मिलने लगी चिकित्सकीय सुविधाए…

पटना (बिक्रम)

बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित पालीगंज अनुमंडलीय स्तरिय पर बिक्रम प्रखंड मुख्यालय परिसर में स्थित दिव्यांगो,विधवा महिलाओं व वृद्धजनों के लिये बना बुनियाद केंद्र में निःशुल्क ईलाज शुरू हो गई है।
जिस मे इलेक्ट्रो थेरेपी,एक्सरसाइज थेरेपी,साइक्लो थेरेपी, स्पीच थेरेपी आदि तरीके से उपर्युक्त कैटीगरी के लोगों को चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।केंद्र में कई तरह की आधुनिक मशीन के द्वारा थेरेपी व्यायाम कराई जा रही है।ऐसे मरीज जो विभिन्न प्रकार के दर्द,सूजन,अकड़न, मांसपेशी की कमजोरी,चलने में कठिनाई,आंख की बीमारी, बोलने में कठिनाई,सुनने में दिक्कत,देखने मे कठिनाई आदि बीमारियों से ग्रसित हैं।

मूक बधिर लोगो को भी मिल रही है सुविधा,सभी सेवाएं निःशुल्क हैं

उनका इलाज निःशुल्क में विशेषज्ञों द्वारा जांच कर की जा रही है।केंद्र के प्रबंधक सुलेखा कुमारी ने बताया कि यहां बोलने एवं सुनने संबंधी जांच,उचित निदान,आंख की जांच,उसके लिए परामर्श,कृत्रिम अंग,चश्मा,सहायक उपकरण संबंधी जानकारी, मनोवैज्ञानिक एवं भावनात्मक परामर्श,फिजियोथैरेपी के अलावा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना,वृद्धा पेंशन,विधवा पेंशन दिव्यांग पेंशन योजना से संबंधित मार्गदर्शन भी दिया जाता है।

दुर दराज के वृद्धजन आकर लाभ ले रहे हैं


बुनियाद केंद्र के केस प्रबंधक सुमन कुमारी,सीनियर फिजियोथैरेपिस्ट डॉ रंजन कुमार,इशिका भारती (फ़िज़ियोथेरेपिस्ट) भैतिक चिकित्सक
स्पीच एंड हियरिग टेक्नीशियन सविता कुमारी,काउंसलर संजीव कुमार,ऑप्थेलिक टेक्नीशियन उमेश चंद्र एवं अनिल कुमार प्रशासन लेखपाल सहित अन्य दर्जन भर कर्मी अपनी सेवाएं दे रहे हैँ।यहां मरीज पंजीकृत होकर विभिन्न प्रकार के मशीनों पर अपने असाध्य रोगों का इलाज कर रोगों से निजात पाने के लिए प्रतिदिन आ रहे हैं।जिस मे फिजियोथैरेपी में भी अब तक 667 लोग,अर्थो में 632,स्पीच में 153,कॉन्सलिंग 221,ऑडियो में 133,प्रोस्थेटिक एंड ऑर्थोटिक्स 316 मोबलिटिक इटेक्टर में 50 लोग सहित अन्य रोगों में अब तक 2500 लोगो ने लाभ ले चुके हैं।केंद्र प्रबंधक सुलेखा कुमारी एवं प्रसाशन सह लेखापाल अनिल कुमार ने बताया कि यहां अतिआधुनिक उपकरण उपलब्ध है।जिस से इलाज करवाना बाहर में काफी महंगा हो सकता है।तीनो कैटेगरी के लोग हड्डी जोड़,मांस पेशी संबंधी रोगों,आंख,नाक,कान,बोलने में कठिनाई,हकलाना आदि का विभिन्न तरीके से इलाज करा सकते हैं।मानसिक रूप से भी कमजोर लोगों को मनोवैज्ञानिक थेरेपी से लाभ दिलाने का प्रयास कर रही हैं।बिक्रम के अलावे पालीगंज,दुल्हिन बाजार के दूर-दराज के वृद्धजन आकर लाभ ले रहे हैं।

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