पटना जिला के ग्राम लथार की बहू ने दरोगा बन कर किया अपना और परिवार का नाम रौशन

पटना (दुल्हिन बाजार)

दरोगा अभ्यर्थी का रिजल्ट जारी होते ही।खुशी का माहौल सभी जगह बना हुआ है।आप को बता दें कि दुल्हिन बाजार प्रखंड के ग्राम लाथार गांव की बहू अलका कुमारी थाना रानी तलाव (कनपा) के रहने वाली है।उनके पति का नाम आलोक कुमार है।उनका अपना रेडीमेड कपड़ों का स्कूल ड्रेस बनाने का व्यवसाय है।अलका कुमारी का माईके पुनपुन (पटना) में है।इनका बचपन का पढ़ाई और लालन-पालन नाना के घर पर रह कर हुआ था।

अलका अपने पति और नाना के साथ में

नाना का नाम शंकर साव है।वे मूल रूप से किसान है।उनको जब यह जानकारी हुआ कि उनकी लाडली नतनी दरोगा के परीक्षा का रिजल्ट आ गया है।वे बहुत खुश हुए,अलका के पिता का खुद का बिजनेस है।पिता का नाम ललन कुमार और माता का नाम सविता देवी है।वे 6 बहन और 2 भाई हैं।अलका कुमारी सबसे बड़ी है।इनका मैट्रिक का पढ़ाई पुनपुन से हुआ श्री वीरचंद्र पटेल बालिका उच्च विद्यालय श्रीपालपुर पुनपुन पटना से 2005 में प्रथम श्रेणी 432 अंक प्राप्त कर प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुई थी।उसके बाद ARTS से इंटरमीडिएट का परीक्षाS.K.M.R.D.D कॉलेज बिदुपुर बाजार जिला वैशाली से वर्ष 2009 में प्रथम श्रेणी से 326 अंक लाकर उत्तीर्ण हुई थी।उसके बाद ग्रेजुएशन SMD कॉलेज पुनपुन से वर्ष 2012 में 507 अंक लेकर प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुई थी।

उसके बाद बहुत से परीक्षा के लिए इन्होंने फॉर्म भरी इन्होंने बताया कि वह ज्यादातर एसएससी और रेलवे के लिए ही फॉर्म भर्ती थी।कई परीक्षा में भी शामिल हुए रिजल्ट भी आया लेकिन इनका ख्वाहिश डिफेंस में ही जाने का था।अलका कुमारी का विवाह वर्ष 2015 में ग्राम लथार के आलोक कुमार के साथ हुआ।यहां आने के बाद अलका के ससुर विनय कुमार और सास कुसुम देवी का भी पूरा सहयोग इनको मिला।

अलका अपने सास और ससुर के साथ में

पढ़ाई और परीक्षा के लिए कभी भी इन्हें रोका और टोका नहीं गया।सभी का भरपूर सहयोग इन्हें मिलता गया और यह अलग-अलग परीक्षा में शामिल भी होती गई।जैसा कि आपको बता दें कि अलका कुमारी ने बताया कि वर्ष 17-18 में बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग का परीक्षा पास हो गई थी लेकिन मैं फिजकल में आकर पिछड़ गई थी।अलका ने हिम्मत नहीं हारी वह आगे भी परीक्षा शामिल होती रही।

शिक्षक अंजनी कुमार

अलका ने आगे यह भी बताया कि उनके भैंसुर अंजनी कुमार जो घर पर ही अपना एक कोचिंग सेंटर चलाते हैं।उनका भी बहुत अहम रौल रहा है।अंजनी कुमार ने यह जानकारी दिया कि वे हर दिन जेनरल साइंस और मैथ का कठिन से कठिन सवालों को हल करते थे। 2-3 घंटा अलका कुमारी के लिए वह अलग से समय निकालते थे।बड़ी गोतनी आपने ही पंचायत ग्राम काब में मध्य विद्यालय में शिक्षक पद पर अभी कार्यरत हैं।उनका भी इसमें बहुत सहयोग रहा है।वे कभी भी अलका को कुछ काम और पढ़ाई में कभी रोक-टोक नहीं की रेनू कुमारी से बात चीत के दरमियान उन्होंने यह बताया कि अलका को अपनी सगी बहन की तरह मानती है और उसे हर वक्त प्रेरित भी किया करती थी कि आप मेहनत करो एक न एक दिन तुम्हें सफलता जरूर हाथ लगेगी।

किशोर कुमार उर्फ पवन कुमार

घर के मंझिलें भैसूर किशोर कुमार उर्फ पवन कुमार जो कि मिलिट्री से रिटायर हो कर घर आ गए हैं।उनका भी इस में भरपूर सहयोग रहा है।अलका को शारीरिक दक्षता और शारीरिक शिक्षा का ज्ञान उन्होंने ही दिया था।जैसे कि दौड़ने का तरीका,समय पर चक्कर को पूरा करना।हाई जंप,लोंग जंप और गोला फेक का देख रेख पवन कुमार के द्वारा ही किया गया था।

अलका अपने दोनों गोतनी के साथ में

आप को बताते चलें कि जब हम अलका के ससुर विनय कुमार से बातचीत किए तो उन्होंने यह बताया कि वह देर रात तक पढ़ाई करती थी बहुत मेहनत और लगन से वह पढ़ती थी और आज वही चीज इस सफलता का कारण बना।अलका ने यह भी बताया कि उनके मित्रों और रिश्तेदारों के द्वारा हर वक्त यह बोला जाता था कि आपका पर्सनालिटी अच्छा है।आप लम्बी हो डिफेंस का ही तैयारी करो और यह बात मेरे दिल और दिमाग में बैठ गया आज वही शब्द मुझे यहां तक लाकर खड़ा कर दिया।अलका कुमारी ने अपने दूसरे प्रयास में यह सफलता प्राप्त कर ली।उसने अपने ससुराल के परिवार,गांव और प्रखंड का नाम रौशन किया।इस सफलता का पूरा श्रेय अलका अपने पूरे परिवार को दे रही हैं।अलका ने यह भी जानकारी दी कि उन्हें सब इंस्पेक्टर का पोस्ट दिया जाएगा।वह इस पोस्ट पर जाकर ईमानदारी और हिम्मत के साथ अपने इस पोस्ट कि गरिमा को बुझते हुए वह काम करेंगी।गरीब को न्याय दिलाने का काम करेगी।

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