डिजिटल सेवा से किसानों का होगा त्वरित समाधान…कृषि सचिव

पटना

कृषि विभाग बिहार एवं बिल और मिलिण्डा गेट्स फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय मोर्या होटल में डिजिटल किसान सेवाओं के माध्यम से बिहार में कृषि के भविष्य विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम में कृषि विभाग,पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग,सहकारिता विभाग के पदाधिकारीगण,नाबार्ड,राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति, जीविका,काॅम्फेड के प्रतिनिधि,बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर,भागलपुर के वैज्ञानिकों ने भाग लिया एवं अपने सुझाव दिये।कृषि विभाग के सचिव डाॅ.एन सरवण कुमार ने अपने सम्बोधन में कहा कि अक्टूबर, 2019 में बिलगेट्स बिहार आये थे और सीएम के साथ उनकी हुई वार्ता के आलोक में बिहार के किसानों के लिए समेकित रूप से एक डिजिटल प्लेटफार्म बनाने में बिल और मिलिन्डा गेट्स फाउण्डेशन के साथ कृषि विभाग को यह कार्य करने का दायित्व दिया गया था।उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफार्म तैयार करने का मुख्य उद्देश्य त्वरित निर्णय लेना,किसानों को उनकी समस्याओं का समाधान हेतु शीघ्र निर्णय लेना,समस्याओं के लिए बेहतर सुझाव उपलब्ध कराना तथा जलवायु के अनुकूल कृषि कार्यक्रम को क्रियान्वित करने में सहयोग करना हैं।

किसानों को डिजिटल सेवा उपलब्ध कराने का मुख्य उद्देश्य किसानों की समस्याओं का उचित समय पर त्वरित समाधान उपलब्ध कराना है।वर्तमान में किसान काॅल सेन्टर के माध्यम से,किसानों को बड़ी संख्या में एसएमएस के माध्यम से योजनाओं की जानकारी,फसलों में कीट-ब्याधि पर नियंत्रण, विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लिए गये किसानों के आवेदन की अद्यतन स्थिति के बारे बताया जाता है।ये सभी प्रक्रियायें एकतरफा होती है।जिस में किसानों के विचार या किसी विशेष समस्या का विशिष्ट उपाय हम उपलब्ध नहीं करा पाते हैं।

डिजिटल सेवाओं में तकनीक का उपयोग करते हुए कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों से जुड़े सभी किसानों तथा पर्णधारियों को 360 डिग्री समाधान उपलब्ध कराना है।उन्होनें बताया कि कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर अबतक एक करोड़ अड़सठ लाख किसान पंजीकृत हैं।कृषि विभाग के विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत देय अनुदान का लाभ सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित की जा रही है।इसके अलावे पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग,सहकारिता विभाग तथा जीविका द्वारा अलग-अलग डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

यह कार्यशाला किसानों को एक डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से समेकित रूप से सभी सुविधाओं उपलब्ध कराने हेतु आयोजित किया गया है।यह डिजिटल प्लेटफार्म किसानों को न केवल कृषि से जुड़ी सलाह उपलब्ध कराता हैं।बल्कि उनके प्रखंडों में अनुज्ञप्तिधारियों,बीज,उर्वरक एवं कीटनाशी बिक्रेताओं के पास उपलब्ध उपादानों की स्थिति,बाजार भाव, निकटतम प्रसंस्करण इकाई से सम्बंधित सभी सूचनायें उपलब्ध करायेगा।इस अवसर पर कृषि निदेशक आदेश तितरमारे, निदेशक मत्स्य,पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग धर्मेन्द्र सिंह ने भी अपने विचार ब्यक्त किये।

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