एम्स में चार और आईजीआईएमएस में एक भर्ती कोरोना के चार स्वस्थ हो चुके मरीज ब्लैक फंगस से हो गए हैं पीड़ित

पटना

म्यूकोरमाइकोसिस यानी ब्लैक फंगस पोस्ट को भी इन फैक्ट है।जो कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीजों को अपना शिकार बनाता है।पटना एम्स में ईएनटी विभाग की अध्यक्ष डॉ क्रांति भावना ने बताया कि उसका सबसे अधिक खतरा डायबिटीज के उन मरीजों के लिए है जिन को इलाज के दौरान अनियंत्रित स्टेराॅयड और दवाइयां दी गई है।

इसके अलावा कैंसर किडनी रोगी और अंग प्रत्यारोपण करा चुके संक्रमित के लिए यह काफी घातक है।

नाक के रास्ते में काला फंगस जैसा हो जाता है

इसमें ना कि रास्ते में काला पाऊंगा जैसा हो जाता है।पहले चरण में यह नाक और जबड़े की हड्डियों को गला देता है।दूसरे चरण में यह है कि आसपास के कोशिकाओं एवं मांसपेशियों को गलाता है।यह से आंखों की रोशनी चली जाती है।तीसरा चरण काफी घातक हो जाता है जब फंगस ना कि रास्ते दिमाग में पहुंच जाता है उसी स्थिति में संक्रमित की जान बचाने बहुत मुश्किल हो जाती है।

यह है लक्षण इसे ना करें नजर अंदाज

नाक में दर्द,सूजन,खून आना या नाक बंद हो जाता है।

दांत,जबड़े में दर्द हो या दांत गिरने लगे

आंख से धुंधला दिखने लगे और आंखों में दर्द होने लगे

सीने में दर्द,बुखार,खून की उल्टी और तेज सिर दर्द होने लगे

इससे क्या है बचाव का उपाय

एम्स के डॉक्टर क्रांति भावना ने बताया कि डायबिटीज से ग्रस्त कोरोना संक्रमित मरीज के इलाज में शुरू से ही सावधानी बरतनी चाहिए।सबसे ज्यादा जरूरी है कि मरीज का शुगर का असर पूरी तरह से नियंत्रित हो नाक के अंदर की सफाई नियमित होती रहे गंदे और धूल भरे स्थानों पर जाने से बचे जरूरी हो तो मास्क पहने।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page