अगर सुदृढ़ समाज की स्थापना करना है,तो महिलाओं को आगे लाना होगा–सरिता कुशवाहा

अरवल (कुर्था)

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के महिला प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष सरिता कुशवाहा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि महिला ही जो एवं शिक्षित परिवार एवं समाज की नींव होती है।साथ ही साथ उन्होंने कहा कि अगर सुदृढ़ समाज की स्थापना करना है, तो महिलाओं को आगे लाना होगा।वहीं उन्होंने कहा की इतिहास गवाह है कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति मैं भी महिलाओं को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।क्योंकि भारतीय संस्कृति की ऐतिहासिक पहलुओं को झांके तो रामायण एवं महाभारत काल में भी महिलाओं को सम्मान देने की बात कही गई है।

जब तक महिलाएं एकत्रित नहीं होगी तब तक उनके साथ लूट,बलात्कार एवं अत्याचार जैसी घटनाएं होती रहेगी

वह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को भी झांके तो यह प्रतीत होता है कि आजादी की लड़ाई में भारतीय महिला कभी लक्ष्मीबाई के रूप में तो कभी सरोजनी नायडू भीकाजी कामा के रूप में देश की आजादी दिलाने के लिए तत्पर दिखी।वही उन्होंने कहा कि सामाजिक सुधारों के रूप में भी महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया सावित्रीबाई फुले ने जहां महिलाओं को शिक्षित करने की पेशकश की वही कल्पना चावला जैसी महिला ने अंतरिक्ष में जाकर भी भारत का परचम लहराया परंतु विडंबना इस बात की है कि आज महिलाएं खुद को उपेक्षित समझ रही है।आज महिलाओं के साथ दिन प्रतिदिन जिन्होंने काम किए जा रहे हैं।इसलिए जरूरत है की महिलाओं को एकत्रित करने की एवं उन्हें अपनी पौराणिक पट्टी को पहचानने की जब तक महिलाएं एकत्रित नहीं होगी तब तक उनके साथ लूट,बलात्कार एवं अत्याचार जैसी घटनाएं होती रहेगी।इसलिए आज महिला दिवस के अवसर पर हम सभी महिलाओं से आग्रह करते हैं कि वह अपनी गुलामी की बेरिया को तोड़ते हुए एकत्रित हो एवं अपने हक एवं हुकूप के लिए तत्पर हैं।

संजय सोनार

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